नवजात शिशु की मालिश

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बच्चे के बाहरी दुनिया में आते ही उसकी अच्छी देखभाल की जरूरत होती है। छोटे शिशु का शरीर नाजुक होता है इसलिए शिशु के लिए मालिश बेहद जरूरी है। प्रतिदिन शिशु की मालिश करने से बच्चे की मांसपेशियां मजबूत बनती है। हर मां को पता होना चाहिए कि नवजात शिशु की मालिश कैसे करें। मालिश से मां और शिशु का संबंध मजबूत बनता है। वैदिकवाटिका बताएगा कैस करें शिशु की मालिश और इसके क्या फायदे होते है।

नवजात शिशु की मालिश के लिए जरूरी चीजें

  • नारियल तेल, सरसों का तेल, बेबी आयल, मलाई या देसी घी।
  • छोटा कम्बल या फिर तौलिया।
  • शिशु का ध्यान बांटने के लिए खिलौना आदि।

नवजात शिशु की मालिश कब करें
शिशु के पैदा होने के 40 दिन बाद से मालिश करनी चाहिए। चालीस दिन के बाद एक दिन छोड़कर मालिश करनी चाहिए। फिर धीरे-धीरे रोज मालिश करने की आदत डालें।

नवजात शिशु की मालिश किस तरह से करें

  • शिशु के शरीर से सारे कपड़ों को उतार लें।
  • जमनी पर तौलिया बिछा दें।
  • अब शिशु को पीठ के बल लिटा दें।
  • शिशु की छाती पर बेबी आयल लगाएं।
  • अब शिशु की छाती के उपर हल्के हाथों से तेल की मालिश अच्छे से करें। मालिश करते समय बच्चे की छाती पर ज्यादा दवाब न पड़े इस बात का ध्यान रखें।
  • मालिश करते समय आपके हाथ न ही ज्यादा हल्का हो और न ही ज्यादा सख्त।
  • इसके बाद शिशु को पेट के बल लिटा लें।
  • अब पीठ के बल शिशु को लिटाकर उसकी हल्के हाथों से मालिश करें।
  • पीठ की मालिश करने से शिशु के शरीर में खून की संचार ठीक रहता है।
  • शिशु के पैरों और हाथों में आप अपने हल्के हाथों से उपर से नीचे की तरफ मालिश करें। एैसा करने से शिशु के हाथ-पैर मजबूत और लचीले बनते हैं।
  • इसी तरह से शिशु के सारे शरीर में हल्की-हल्की मालिश करें।
  • एैसा नियमित रूप से करें।

नवजात शिशु की मालिश के फायदे

  • नियमित मालिश करने से शिशु को अच्छी नींद आती है।
  • मालिश करने से शिशु को आराम मिलता है और वह शांत भी रहता है।
  • मालिश से शिशु के शरीर में रक्त का संचार ठीक से होता है।
  • शिशु की हड्डी और मसल्स मजबूत बनते हैं।
  • मालिश का सबसे बड़ा फायदा यह है कि मालिश करते वक्त मां को शिशु के कुछ अन्य रोगों के बारे में भी पता चलता है जैसे दाने, शरीर पर चक्ते और फोड़े फुंसी सी आदि का।
  • प्रतिदिन मालिश करने से शिशु के शरीर में होने वाला दर्द भी ठीक हो जाता है।

नवजात शिशु की मालिश की सावधानियां

  • शिशु की मालिश करते समय उसके नाक व कान में तेल नहीं डालना चाहिए।
  • ज्यादा टाइट या सख्त हाथों से शिशु की मालिश न करें एैसा करने से उसके रैशेज या नील पड़ सकता है।
  • यदि शिशु मालिश न करने दें तो शांति से काम लें और शिशु को बहलाकर फिर से मालिश करें।

नवजात शिशु की मालिश करने का समय 

गर्मियों के समय में शिशु की मालिश 9 से 10 बजे की बीच करें। और सर्दियों में दोपहर के 11 बजे से 12 बजे के बीच शिशु की मालिश करें।
सर्दियों में बंद कमरे में ही शिशु की मालिश करें ताकि उसे ठंड न लग सके। ये भी पढे-छोटे बच्चों की बीमारियां और उपचार

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